प्रेम जीवन का विशुद्ध रस । प्रेम माधुरी जी का सान्निध्य जंहा अमृत के प्याले पिलाए जाते है ।प्रेम माधुर्य वेबसाइट से हमारा प्रयास है कि इस से एक संवेदना जागृत हो ।

Friday, May 19

Teri Banki Aada Ne Oh Sanwre Mujhe Tera Diwana Bana Diya (with lyrics)

तेरी बांकी अदा ने ओ सांवरे
मुझे तेरा दीवाना बना दिया
हो मुझे तेरा दीवाना बना दिया
तेरा टेड़ा मुकुट तेरी बाँकी छटा
तेरा बांका मुकुट तेरी बांकी छटा
तूने हमें भी आशिक़ बना दिया
तेरी बांकी अदा ने............

वृन्दावन वारे मेरे बांके बिहारी 
तेरा रूप देख देख जाऊं वारी वारी
'ओ पिया तुम्हारा रूप है
ये कैसा साहूकार
मेरे नैना गिरवी रख लिए
जो दर्श किया एक बार"
वृन्दावन वारे मेरे बांके बिहारी
तेरा रूप देख देख जाऊं वारी वारी.....

कैसा जादू कान्हा तेरी इस रूप माधुरी में है
हो जो भी वृन्दावन आ जाता है
हो वो तो तेरा ही हो जाता है
उसे ध्यान किसी का ना रहता है
वो तो तेरे गुण फिर गाता है.......

तेरी बांकी अदा ने ओ सांवरे
मुझे तेरा दीवाना बना दिया....
तेरा प्यार है मेरी जिंदगी
हो तेरा प्यार है मेरी जिंदगी
हो बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है
बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है

"खूबसूरत तेरा मुस्कुराना लगे
ये मेरी आरज़ू का फसना लगे
तेरा हर एक बहाना मुझे सच लगे
हो मेरा सच भी तुझे एक बहाना लगे"
बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है.....

"चाहा है तुझे टूट के इतना खयाल कर
हो रखा है मैंने दिल में तेरा गम संभाल कर"
क्यों कि बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है
हो बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है
"हम कैसे छुए अपने कर से
पद पंकज है सुकुमार तेरा
हरे कृष्ण बसा इन नैनन में
वह सुन्दर रूप उदार तेरा....

तन पे मन पे धन पे सब पे
इस जीवन पे अधिकार तेरा
नहीं और किसी की जरुरत है
हम को चाहिए बस प्यार तेरा~
क्यू कि बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है
हो बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है........

"जूनून परस्त हूँ दीवानगी से रिश्ता है
मेरा खुदी से नहीं बेखुदी से रिश्ता है
यकीं न हो तो मेरे दिल को चीर के देखो
तुम्हारे दर से मेरी ज़िन्दगी का रिश्ता है"
क्यों कि बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है
हो बस मेरी जिंदगी तेरा प्यार है.....

तेरा प्यार है मेरी जिंदगी
मेरा काम है तेरी बंदगी
जो तेरी ख़ुशी वो मेरी ख़ुशी
हो मुझे होश है ना खयाल है
तूने ऐसा जादू चला दिया....

तेरी बांकी अदा ने ओ सांवरे
मुझे तेरा दीवाना बना दिया......

"मेरे दिल में तू ही तू बसा
हो बस तू बसा दिल में मेरे
तेरा नाम लूं जुबां से
तेरे आगे सर झुका दूं.....

मेरा इश्क़ कह रहा है
तुझ पे दिल-ओ-जान लुटा दूं"
""तेरी दिल्लगी के सदके
तेरी रहमतों पे कुर्बा
तूने इतना कुछ दिया है
तुझे कैसे मैं भुला दूं""

"आँखों में तेरी सूरत
तेरी याद मेरे दिल में
तुम्हे कितना चाहता हूँ
बोलो तो मैं बता दूं".....

मेरे दिल में तू ही तू बसा
मेरे दिल में तू ही तू बसा
मुझे छाया तेरा ही नशा
मैं जिस्म हूँ मेरी जान तू
तेरा जादू जब से सवार है

मुझे चैन है ना करार है
तूने हम को जीना सिखा दिया
तेरी बांकी अदा ने ओ सांवरे
मुझे तेरा दीवाना बना दिया
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Thursday, May 18

SadGuru kaise Hote Hai ? Sadguru Jivan Me Kya karta hai ?



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Sunday, July 5

shri gaurav krishana goswamiji




gaurav krishna goswami ji is a devote of shri radha rani and bankey bihari.near of holi festival of 2010.he had Miracle(marvel) with  him.he was doing service(सेवा) of thakur ji.he was clamping(press) legs of thakur ji and also he massage(friction) legs of thakur ji.but when he took perfume of Saffron(केसर ) he think that at this time there is not winter(because saffron perfume gives heat in winter).if he will use it thakur ji will get more heat that will be not good.than he think about perfume of rose (which will give coldness to thakur ji).but there were not any perfume bottle  of rose.then suddenly store keeper of bankey bihari temple came and said-"take perfume of rose".for your information gaurav ji yet not told anyone to give him prefume of rose.the gaurav krishna ji asked that whom have given you this?then he replied a child,standing out side of temple,has given him perfume.then gaurav ji sais him that i want to meet him.but the child was gone.
in this miracle the child is bankey bihari who came as a child to give perfume to shri gaurav krishna ji.then shri gaurav krishna ji  weeped a lot in the  memory of shri bankey bihari who came near of him.




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Saturday, January 11

bhishama pitamah stuti

श्री भीष्म उवाच - (here is some of sloka's of stuti by their no. in shrimad bhagtwat)
इति मतिरुपकल्पिता वितृष्णा भगवति सात्वत पुङ्गवे विभूम्नि ।
स्वसुखमुपगते क्वचिद्विहर्तुं प्रकृतिमुपेयुषि यद्भवप्रवाहः ॥
Let me being freed from desires prepare my mind for the Supreme Lord, the Leader of the Devotees, the Great Self-contented One who in the realization of His transcendental joy at times [as an avâtara] takes pleasure in accepting this material world with her creation and destruction.
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Friday, January 10

श्री हनुमान


        हनुमान कौन है?
  • हनुमान -जिन्होंने अपना अभिमान ख़त्म कर दिया 
  • वर्ण के आधार पर हनुमान का अर्थ-
    -जिस व्यक्ति के जीवन का द्रष्टि कोण सकारात्मक है । (गुजराती का शब्द -हकारात्मक )
    नु-
    जो स्वप्न में भी किसी के नुक्सान करने का नहीं सोचता ।
    मा
    -
    जिसको मान नहीं है ।
    न-
    नम्रता(नम्रता की मूर्ति),विनम्र, जिसका जीवन सरल है । 

  •    श्रीराम हनुमानजी से-
    श्रीराम-आप कौन है ?
    हनुमानजी- मै,
    1.  स्थूल रूप से-आपका दास हूँ ।(राम दूत मै मातु जानकी -सुन्दरकाण्ड )
    2. जीव रूप से-आपका अंश हूँ ।(ईश्वरअंश जीव अविनाशी )
    3.  अध्यात्मिक रूप से-आप और मुझ में कोई अंतर नहीं है ।(नारद  भक्ति  सूत्र)
         
  • हनुमान चालीसा में हनुमान शब्द-
          4 बार हनुमान शब्द क्यों?
     1.  ईश्वर,ब्रहम,परमात्मा,भगवान हनुमान है  |
     2.मान, बुद्धि,चित,अहंकार  हनुमान है |
    3.नाम,रूप,लीला,धाम  हनुमान है |
    4.धर्म,अर्थ,काम,मोक्ष हनुमान है |

   5.सतयुग,त्रेतायुग,द्वापरयुग,कलयुग में भी हनुमान |
   6.ब्राहमण है,क्षत्रिय,वैश्य,शुद्र  हनुमान है |



shri hanuman chalisa-

।।दोहा।। श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारी  |
बरनौ रघुवर बिमल जसु , जो दायक फल चारि |
बुद्धिहीन तनु जानि के , सुमिरौ पवन कुमार |
बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार ||
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिंहु लोक उजागर |
रामदूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवन सुत नामा ||
महाबीर बिक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी |
कंचन बरन बिराज सुबेसा, कान्हन कुण्डल कुंचित केसा ||
हाथ ब्रज औ ध्वजा विराजे कान्धे मूंज जनेऊ साजे |
शंकर सुवन केसरी नन्दन तेज प्रताप महा जग बन्दन ||
विद्यावान गुनी अति चातुर राम काज करिबे को आतुर |
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया रामलखन सीता मन बसिया ||
सूक्ष्म रूप धरि सियंहि दिखावा बिकट रूप धरि लंक जरावा |
भीम रूप धरि असुर संहारे रामचन्द्र के काज सवारे ||
लाये सजीवन लखन जियाये श्री रघुबीर हरषि उर लाये |
रघुपति कीन्हि बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरत सम भाई ||
सहस बदन तुम्हरो जस गावें अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावें |
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा नारद सारद सहित अहीसा ||
जम कुबेर दिगपाल कहाँ ते कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते |
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा राम मिलाय राज पद दीन्हा ||
तुम्हरो मन्त्र विभीषन माना लंकेश्वर भये सब जग जाना |
जुग सहस्र जोजन पर भानु लील्यो ताहि मधुर फल जानु ||
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख मांहि जलधि लाँघ गये अचरज नाहिं |
दुर्गम काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ||
राम दुवारे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु पैसारे |
सब सुख लहे तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहें को डरना ||
आपन तेज सम्हारो आपे तीनों लोक हाँक ते काँपे |
भूत पिशाच निकट नहीं आवें महाबीर जब नाम सुनावें ||
नासे रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा |
संकट ते हनुमान छुड़ावें मन क्रम बचन ध्यान जो लावें ||
सब पर राम तपस्वी राजा तिनके काज सकल तुम साजा |
और मनोरथ जो कोई लावे सोई अमित जीवन फल पावे ||
चारों जुग परताप तुम्हारा है परसिद्ध जगत उजियारा |
राम रसायन तुम्हरे पासा सदा रहो रघुपति के दासा ||
तुम्हरे भजन राम को पावें जनम जनम के दुख बिसरावें |
अन्त काल रघुबर पुर जाई जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ||
और देवता चित्त न धरई हनुमत सेई सर्व सुख करई |
संकट कटे मिटे सब पीरा जपत निरन्तर हनुमत बलबीरा ||
जय जय जय हनुमान गोसाईं कृपा करो गुरुदेव की नाईं |
जो सत बार पाठ कर कोई छूटई बन्दि महासुख होई ||
जो यह पाठ पढे हनुमान चालीसा होय सिद्धि साखी गौरीसा |
तुलसीदास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय मँह डेरा ||
।।दोहा।। पवन तनय संकट हरन मंगल मूरति रूप |
राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप ||
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Monday, December 16

राधे तेरी पायल श्याम तेरी बंसी युही बजती रहे


(1) Sada mere dil ko teri aahat rahe
    kripa ki teri najare yuhi kayam rahe
    teri ankhiyon se nor sada barsta rahe
    teri payal our bansi yunhi bajati rahe
    सदा मेरे दिल को तेरी आहट रहे 
    कृपा की तेरी नजरे युही कायम रहे 
    तेरी अखियो से नूर सदा बरसता रहे 
    तेरी पायल और बंसी युही बजती रहे 

(2) prem jivan me rain basera rahe

    ek pal bhi mera tujh se juda na rahe
    akhiyan se anshu pravah ham kare
    teri payal our banshi yunhi bajati rahe
    प्रेम का जीवन में रैन बसेरा रहे
    एक पल भी मेरा तुझसे जुदा ना रहे
    अखियन से आँसू प्रवाह हम करे
    तेरी पायल और बंसी युही बजती रहे

(3) teri karuna ki barsat ham par hoti rahe

    suman sa mahake ye ghar ka aangan
    tere swagat me push varsha hoti rahe
    teri payal or banshi yunhi bajati rahe
    तेरी करुणा की बरसात हम पर होती रहे  
    सुमन सा महके ये घर का आगन
    तेरे स्वागत में पुष्प की वर्षा होती रहे
    तेरी पायल और बंसी युही बजती रहे

(4) satyta se jivan ham yapan kare

    munh me madhuray ras ghulta rahe
    yah meri fariyad puri kare
    satya prem karuna se jivan mahakta rahe
    radhey teri payal shyam teri banshi yunhi bajati rahe
    सत्यता से जीवन हम यापन करे 
    मुँह में माधुर्य रस घुलता रहे
    यह मेरी फरियाद पूरी करे
    सत्य प्रेम करुणा से जीवन महकता रहे
    राधे तेरी पायल श्याम तेरी बंसी युही बजती रहे

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Wednesday, August 28

नन्दरानी की खुली तकदीर बधाई बाज रही



नन्दरानी की खुली तकदीर बधाई बाज रही
नन्दरानी की खुली तकदीर बधाई बाज रही 


बाबा लुटावे अन्न धन सोना ..मैया लुटावे माखन लोना..
नाच रही सब भीर..बधाई बाज रही
नन्दरानी की खुली तकदीर बधाई बाज रही
ढोलक और नगाड़े बाजे..शंकरजी का डमरू बाजे..
बाज रही मुरली..बधाई बाज रही
नन्दरानी की खुली तकदीर बधाई बाज रही ..

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